ब्राह्मणवाद का पोस्टमार्टम ” ब्राह्मण के गुण – तीन मान हरे, धन सम्पत्ति लूटे और मति लियो छीन , ये ब्राह्मण के गुण तीन ” आप जानते हैं कि एक तरफ तो हिन्दुओं के ईश्वर श्रीकृष्ण जी ने गीता में उपदेश देकर कहा कि आत्मा अजर अमर हैं , आत्मा को न कोई काट सकता है और न कोई मार सकता है , न पानी उसे गला सकता है , न आग उसे जला सकती है , आत्मा को कोई नष्ट नहीँ कर सकता वगैरा वगैरा दूसरी तरफ ब्राह्मणों के चहेते ईश्वर विष्णु जी द्वारा प्रभावित गरुड़ पुराण में सभी प्राणियों के कर्म के अनुसार दण्ड का प्रावधान है मुझ नासमझ को समझाओ भाई मेरी समझ में ये नहीँ आता कि जब कौई भी प्राणी मरता है तो उसका शरीर तो यहीं नष्ट हो जाता है केवल उसकी आत्मा ही बचती हैं और आत्मा को कौई न मार सकता न काट सकता तो फिर गरुड़ पुराण के अनुसार दण्ड कौन भोगता है भाई ये सोचकर मेरे दिमाग का दही बन गया ? बताओ भाई मैं ही मूर्ख हूँ या ब्राह्मणवाद ! दिमाग की बत्ती जलाओ , अज्ञानता मिटाओ – ब्राह्मणवाद भगाओ